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Friday, January 31, 2014

सबसे बड़ा दुख

सबसे बड़ा दुख वो खाली पेट है
जो रात भर खाली रहा,
और सुबह भी खाली ही है।

सबसे बड़ा दुख वो रोटी है
जो दुकान में सजी धजी बैठी है।

सबसे बड़ा दुख वो बाप है
जो अपने बच्‍चे को नहीं देख सकता।

सबसे बड़ा दुख वो पतंग है
जि‍से काटने की डोर नहीं बनी।

सबसे बड़ा दुख वो रात है
जो बि‍याबान है।

सबसे बड़ा दुख वो दुख है
जो नि‍कलना चाहकर भी
नहीं नि‍कल पाता।


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Monday, August 17, 2009

कल सुबह ...


कल सुबह अच्छी होगी,
उजियाली और तरन्नुम से भरी,
रात के कोस कट जायेंगे.
दीवारें बंद कर देंगी हांफना,
और टिन के शेड भी होंगे ठंडे,
जिसमे चर्मरही खाट डालकर सो सकेंगे,
नहीं होगा डर, लाठी और बन्दूक का
बस एक कल की सुबह अच्छी हो जाय,
यकीनन,
कल की सुबह अच्छी होगी ।